Dr. Babasaheb Ambedkar Quotes

150+ Famous Quotes By Dr. Babasaheb Ambedkar In Marathi

ambdkar quotes
  • व्यक्तीविकासला सहानभूती ,समता आणि स्वातंत्र याची आवश्यकता आहे . Dr Babasaheb Ambedkar
  • स्त्री जात ही समाजाचा अलंकार आहे. Dr Babasaheb Ambedkar
  • भाकरीपेक्षा स्वाभिमानाला अधिक महत्त्व आहे. Dr Babasaheb Ambedkar
  • माणसांपेक्षा पुस्तकांच स्नेह मला अधिक आवडतो. Dr Babasaheb Ambedkar
  • राजनीति में हिस्सा ना लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि अयोग्य व्यक्ति आप पर शासन करने लगता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक विचार को प्रसार की उतनी ही आवश्यकता होती है जितना कि एक पौधे को पानी की आवश्यकता होती है। नहीं तो दोनों मुरझाएंगे और मर जायेंगे। Dr Babasaheb Ambedkar
  • बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, अधिकार वसूल करना होता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं बहुत मुश्किल से इस कारवां को इस स्थिति तक लाया हूं। यदि मेरे लोग, मेरे सेनापति इस कारवां को आगे नहीं ले जा सकें, तो पीछे भी मत जाने देना। Dr Babasaheb Ambedkar
  • महात्‍मा आये और चले गये। परन्‍तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं। Dr Babasaheb Ambedkar

महात्‍मा आये और चले गये। परन्‍तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं।

  • वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जातिविहीन करना होगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • पानी की बूंद जब सागर में मिलती है तो अपनी पहचान खो देती है। इसके विपरीत व्यक्ति समाज में रहता है पर अपनी पहचान नहीं खोता। इंसान का जीवन स्वतंत्र है। वो सिर्फ समाज के विकास के लिए पैदा नहीं हुआ बल्कि स्वयं के विकास के लिए भी पैदा हुआ है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • राजनीतिक अत्याचार, सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है। समाज को बदनाम करने वाले सुधारक सरकार को नकारने वाले राजनेता की तुलना में अधिक अच्छे व्यक्ति हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं समझता हूं कि कोई संविधान चाहे जितना अच्छा हो, वह बुरा साबित हो सकता है, यदि उसका अनुसरण करने वाले लोग बुरे हों। एक संविधान चाहे जितना बुरा हो, वह अच्छा साबित हो सकता है, यदि उसका पालन करने वाले लोग अच्छे हों। Dr Babasaheb Ambedkar
  • राष्‍ट्रवाद तभी औचित्‍य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नस्‍ल या रंग का अन्‍तर भुलाकर उनमें सामाजिक भ्रातृत्‍व को सर्वोच्‍च स्‍थान दिया जाये। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो कौम अपना इतिहास नही जानती है, वह कौम कभी अपना इतिहास नही बना सकती है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • महान प्रयासों को छोड़कर इस दुनिया में कुछ भी बहुमूल्‍य नहीं है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक सफल क्रांति के लिए यह आवश्यक नहीं है कि असंतोष हो। जो आवश्यक है वह है न्याय, आवश्यकता, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों के महत्व पर गहन और गहन विश्वास। Dr Babasaheb Ambedkar
  • यदि आप मन से स्वतंत्र हैं तभी आप वास्तव में स्वतंत्र हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हमें जो स्वतंत्रता मिली है उसके लिए हम क्या कर रहे हैं? यह स्वतंत्रता हमें अपनी सामाजिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मिली है। जो असमानता, भेदभाव और अन्य चीजों से भरी हुई है, जो हमारे मौलिक अधिकारों के साथ संघर्ष करती है। Dr Babasaheb Ambedkar

हमें जो स्वतंत्रता मिली है उसके लिए हम क्या कर रहे हैं?

  • अगर मुझे लगा कि मेरे द्वारा बनाये गए संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो सबसे पहले मैं इसे जलाऊंगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • स्‍वतंत्रता का अर्थ साहस है, और साहस एक पार्टी में व्‍यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • शिक्षा महिलाओं के लिए भी उतनी ही जरूरी है जितनी पुरुषों के लिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • ज्ञान हर व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • समाजवाद के बिना दलित-मेहनती इंसानों की आर्थिक मुक्ति संभव नहीं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • कुछ लोग सोचते हैं कि धर्म समाज के लिए आवश्यक नहीं है। मैं यह दृष्टिकोण नहीं रखता। मैं धर्म की नींव को समाज के जीवन और प्रथाओं के लिए आवश्यक मानता हूं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं एक समुदाय की प्रगति को उस प्रगति की डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • यदि हम आधुनिक विकसित भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों को एक होना पड़ेगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • समाज को श्रेणीविहीन और वर्णविहीन करना होगा क्योंकि श्रेणी ने इंसान को दरिद्र और वर्ण ने इंसान को दलित बना दिया। जिनके पास कुछ भी नहीं है, वे लोग दरिद्र माने गए और जो लोग कुछ भी नहीं है वे दलित समझे जाते हैं। Dr Babasaheb Ambedkar

  • संविधान केवल वकीलों का दस्‍तावेज नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का एक माध्‍यम है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक इतिहासकार सटीक, ईमानदार और निष्‍पक्ष होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो झुक सकता है वो झुका भी सकता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • संवैधानिक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं हैं जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्त नहीं कर लेते। Dr Babasaheb Ambedkar
  • अच्छा दिखने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • क़ानून और व्यवस्था, राजनीतिक शरीर की दवा है। जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा ज़रूर दी जानी चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • देश के विकास के लिए नौजवानों को आगे आना चाहियें। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो धर्म जन्‍म से एक को श्रेष्‍ठ और दूसरे को नीच बताये वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं, तो सभी धर्मों के धर्मग्रंथों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar

यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं,

  • धर्म मनुष्य के लिए बना है न कि मनुष्य धर्म के लिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं राजनीतिक सुख भोगने नहीं बल्कि नीचे दबे हुए अपने भाईओं को अधिकार दिलाने आया हूँ। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हो सकता है कि समानता एक कल्पना हो, पर विकास के लिए यह ज़रूरी है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मेरी प्रशंसा और जय-जय कार करने से अच्छा है, मेरे दिखाये गए मार्ग पर चलो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • भाग्य से ज्यादा अपने आप पर विश्वास करो। भाग्य में विश्वास रखने के बजाय शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • आप स्वाद को बदल सकते हैं परन्तु जहर को अमृत में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • धर्म पर आधारित मूल विचार व्यक्ति के आध्यात्मिक विकास के लिए एक वातावरण बनाना है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • शिक्षा वो शेरनी है। जो इसका दूध पिएगा वो दहाड़ेगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • इतिहास गवाह है जब नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष हुआ है वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। Dr Babasaheb Ambedkar

यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं,

  • समाज में अनपढ़ लोग हैं ये हमारे समाज की समस्या नही है। लेकिन जब समाज के पढ़े लिखे लोग भी गलत बातों का समर्थन करने लगते हैं और गलत को सही दिखाने के लिए अपने बुद्धि का उपयोग करते हैं, यही हमारे समाज की समस्या है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हमारे संविधान में मत का अधिकार एक ऐसी ताकत है जो कि किसी ब्रह्मास्त्र से कही अधिक ताकत रखता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मनुवाद को जड़ से समाप्‍त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्ष्‍य है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मन का संवर्धन मानव अस्तित्व का अंतिम उद्देश्य होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • उदासीनता सबसे खतरनाक बीमारी है जो लोगों को प्रभावित कर सकती है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • देश के विकास से पहले हमें अपनी बुद्धि के विकास की आवश्यकता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • इतिहास बताता है‍ कि जहाँ नैतिकता और अर्थशास्‍त्र के बीच संघर्ष होता है वहां जीत हमेशा अर्थशास्‍त्र की होती है। निहित स्‍वार्थों को तब तक स्‍वेच्‍छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्‍त बल ना लगाया गया हो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • सागर में मिलकर अपनी पहचान खो देने वाली पानी की एक बूँद के विपरीत, इंसान जिस समाज में रहता है, वहां अपनी पहचान नहीं खोता। Dr Babasaheb Ambedkar

यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं,

  • इंसान का जीवन स्‍वतंत्र है। इंसान सिर्फ समाज के विकास के लिए नहीं पैदा हुआ है, बल्कि स्‍वयं के विकास के लिए पैदा हुआ है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्‍वंतत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जब तक आप सामाजिक स्‍वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्‍वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • समानता एक कल्‍पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्‍वीकार करना होगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • यदि हम एक संयुक्‍त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शाश्‍त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हम सबसे पहले और अंत में भारतीये हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक सफल क्रांति के‍ लिए सिर्फ असंतोष का होना पर्याप्‍त नहीं है। जिसकी आवश्‍यकता है वो है न्‍याय एवं राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्‍था। Dr Babasaheb Ambedkar
  • कानून और व्‍यवस्‍‍था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्‍छा है, मेरे बताए हुए रास्‍ते पर चलें। Dr Babasaheb Ambedkar
  • यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरूपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्‍योंकि मेरा समाज सो रहा है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हर व्‍यक्ति जो मिल के सिद्धांत कि एक देश दूसरे देश पर शाशन नहीं कर सकता को दोहराता है उसे ये भी स्‍वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शाशन नहीं कर सकता। Dr Babasaheb Ambedkar
  • पति-पत्‍नी के बीच का सम्‍बन्‍ध घनिष्‍ट मित्रों के सम्‍बन्‍ध के सामान होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मनुवाद को जड़ से समाप्‍त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्ष्‍य है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं गौरी, गणपति और हिन्‍दुओं के अन्‍य देवी-देवताओं में आस्‍था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो धर्म जन्‍म से एक को श्रेष्‍ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • राजनीतिक अत्‍याचार सामाजिक अत्‍याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है और एक सुधारक जो समाज को खारिज कर देता है वो सरकार को खारिज कर देने वाले राजतीतिज्ञ से कहीं अधिक साहसी हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक महान व्‍यक्ति एक प्रतिष्ठित व्‍यक्ति से अलग है क्‍योंकि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं किसी समुदाय की प्र‍गति महिलाओं ने जो प्रगति हांसिल की है उससे मापता हूँ। Dr Babasaheb Ambedkar
  • आज भारतीय दो अलग-अलग विचारधाराओं द्वारा शाशित हो रहे हैं। उनके राजनीतिक आदर्श जो संविधान के प्रस्‍तावना में इंगित हैं वो स्‍वतंत्रता, समानता, और भाई-चारे को स्‍थापित करते हैं, और उनके धर्म में समाहित सामाजिक आदर्श इससे इनकार करते है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जीवन लम्‍बा होने की बजाय महान होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मनुष्‍य नश्‍वर है। उसी तरह विचार भी नश्‍वर हैं। एक विचार को प्रचार प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की नही तो दोनों मुरझा कर मर जाते हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक सुरक्षित सेना एक सु‍रक्षित सीमा से बेहतर है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हिंदू धर्म में, विवेक, कारण और स्‍वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्‍व का महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍य होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं यह नहीं मानता और न कभी मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्‍णु के अवतार थे। मैं इसे पागलपन और झूठा प्रचार-प्रसार मानता हूँ। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती। Dr Babasaheb Ambedkar
  • भाग्‍य में नही अपनी शक्ति में विश्‍वास रखो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हमारे पास यह स्‍वतंत्रता किस लिए है? हमारे पास ये स्‍वत्‍नत्रता इसलिए है ताकि हम अपने सामाजिक व्‍यवस्‍था, जो असमानता, भेद-भाव और अन्‍य चीजों से भरी है, जो हमारे मौलिक अधिकारों से टकराव में है को सुधार सकें। Dr Babasaheb Ambedkar
  • लोग और उनके धर्म सामाजिक मानकों द्वारा सामाजिक नैतिकता के आधार पर परखे जाने चाहिए। अगर धर्म को लोगो के भले के लिए आवशयक मान लिया जायेगा तो और किसी मानक का मतलब नहीं होगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब किस्‍म की बिमारी है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • राष्‍ट्रवाद तभी औचित्‍य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्‍तर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्‍व को सर्वोच्‍च स्‍थान दिया जाये। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • गुलाम बन कर जिओगे तो कुत्ता समझ कर लात मारेगी ये दुनिया। नवाब बन कर जिओगे तो शेर समझ कर सलाम ठोकेगी ये दुनिया। Dr Babasaheb Ambedkar
  • लोकतंत्र सरकार का महज एक रूप नहीं है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • धर्म में मुख्‍य रूप से केवल सिद्धांतों की बात होनी चाहिए। यहां नियमों की बात नहीं हो सकती। Dr Babasaheb Ambedkar
  • हालांकि, मैं एक हिंदू पैदा हुआ था, लेकिन मैं सत्‍यनिष्‍ठा से आपको विश्‍वास दिलाता हूँ कि मैं हिन्‍दु के रूप में मरूगां नहीं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्‍पक्ष होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्‍तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्‍यम है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • किसी का भी स्‍वाद बदला जा सकता है लेकिन जहर को अमृत में परिवर्तित नही किया जा सकता। Dr Babasaheb Ambedkar
  • न्‍याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मन की स्‍वतंत्रता ही वास्‍तविक स्‍वतंत्रता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मनुष्‍य एवं उसके धर्म को समाज के द्वारा नैतिकता के आधार पर चयन करना चाहिये। अगर धर्म को ही मनुष्‍य के लिए सब कुछ मान लिया जायेगा तो किन्‍ही और मानको का कोई मूल्‍य नहीं रह जायेगा। Dr Babasaheb Ambedkar
  • इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्‍त किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्‍य नहीं है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • ज्ञान व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • महात्‍मा आये और चले गये परन्‍तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • स्‍वतंत्रता का रहस्‍य, साहस है और साहस एक पार्टी में व्‍यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मनुष्य एवम उसके धर्म को समाज के द्वारा नैतिकता  के  आधार  पर चयन करना चाहिये |अगर  धर्म  को  ही मनुष्य के लिए सब कुछ मान लिया जायेगा तो किन्ही और मानको का कोई मूल्य नहीं रह जायेगा । Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ असंतोष का होना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए न्याय, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था का होना भी बहुत आवश्यक है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • किसी भी कौम का विकास उस कौम की महिलाओं के विकास से मापा जाता हैं । Dr Babasaheb Ambedkar
  • शिक्षित बनो , संगठित रहो, संघर्ष करो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक महान व्यक्ति एक  प्रख्यात व्यक्ति से एक ही बिंदु पर भिन्न हैं कि महान व्यक्ति समाज का सेवक बनने के लिए तत्पर रहता हैं Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई-चारा सीखाये। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जिस तरह मनुष्य नश्वर है ठीक उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। जिस तरह पौधे को पानी की जरूरत पड़ती है उसी तरह एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरुरत होती है वरना दोनों मुरझा कर मर जाते है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब किस्म की बीमारी है Dr Babasaheb Ambedkar
  • क़ानून और व्यवस्था राजनीति रूपी शरीर की दवा है और जब राजनीति रूपी शरीर बीमार पड़ जाएँ तो दवा अवश्य दी जानी चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हांसिल कर लेते, क़ानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके किसी काम की नहीं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्‍छा है, मेरे बताए हुए रास्‍ते पर चलें। Dr Babasaheb Ambedkar
  • रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्‍योंकि मेरा समाज सो रहा है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती। Dr Babasaheb Ambedkar
  • अपने भाग्य के बजाय अपनी मजबूती पर विश्वास करो। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मनुवाद को जड़ से समाप्‍त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्ष्‍य है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो धर्म जन्‍म से एक को श्रेष्‍ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • राष्‍ट्रवाद तभी औचित्‍य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्‍तर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्‍व को सर्वोच्‍च स्‍थान दिया जाये। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • अच्छा दिखने के लिए मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ! Dr Babasaheb Ambedkar
  • जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • लोकतंत्र सरकार का महज एक रूप नहीं है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्‍पक्ष होना चाहिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्‍तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्‍यम है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • न्‍याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मन की स्‍वतंत्रता ही वास्‍तविक स्‍वतंत्रता है।
  • इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्‍त किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्‍य नहीं है Dr Babasaheb Ambedkar
  • ज्ञान व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए। Dr Babasaheb Ambedkar
  • महात्‍मा आये और चले गये परन्‍तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं। Dr Babasaheb Ambedkar
  • स्‍वतंत्रता का रहस्‍य, साहस है और साहस एक पार्टी में व्‍यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • यदि आप एक सम्मानजनक जीवन जीने में विश्वास करते हैं, तो आप स्वयं सहायता में विश्वास करते हैं जो सबसे अच्छी मदद है Dr Babasaheb Ambedkar
  • अपने पैरों पर खड़े होना चाहिए और अपने अधिकारों के लिए जितना हो सके लड़ना चाहिए। इसलिए अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं और अपनी सेनाओं को संगठित करें। शक्ति और प्रतिष्ठा संघर्ष के माध्यम से आपके पास आएगी Dr Babasaheb Ambedkar
  • भारत का इतिहास और कुछ नहीं, बौद्ध धर्म और ब्राह्मणवाद के बीच एक नश्वर संघर्ष का इतिहास है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • मैं एक समुदाय की प्रगति को उस प्रगति की डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है। Dr Babasaheb Ambedkar
  • प्रत्येक व्यक्ति जो मिल की हठधर्मिता को दोहराता है कि एक देश किसी अन्य देश पर शासन करने के लिए फिट नहीं है, उसे स्वीकार करना होगा कि एक वर्ग किसी अन्य वर्ग पर शासन करने के लिए फिट नहीं है। Dr Babasaheb Ambedkar